History of Tehri Dam in Hindi – टिहरी बांध से जुड़े रोचक तथ्य

History of Tehri Dam in Hindi – टिहरी बांध से जुड़े रोचक तथ्य

भागीरथी नदी पर बना टिहरी बांध भारत का सबसे बड़ा एवं ऊँचा बांध है। यह उत्तराखंड राज्य के टिहरी गढ़वाल में स्तिथ है। 261 मीटर ऊँचा यह दुनिया का पाँचवा सबसे ऊँचा बांध है। टिहरी बांध से रोज़ाना 2400 मेगावाट की बिजली और 102 करोड़ पीने का पानी दिल्ली, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड को प्रदान किया जाता है।

जब भी टिहरी बांध की बात होती है तो 2 ही बातें मुख्य रूप से याद आती है, पहला सुंदरलाल बहुगुणा का डैम न बनने देने का आंदोलन (1980-2004) और दूसरा टिहरी शहर की जलसमाधि। लेकिन क्या आप जानते है इस डैम का प्रस्ताव 1961 में रखा गया था जो की 1972 में पास हुआ था। और टिहरी डैम बनने में टिहरी शहर सहित 112 गाँव जलमग्न हो गए थे।

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History of Tehri Dam in Hindi – टिहरी बांध से जुड़े रोचक तथ्य

1972 में इस बांध को बनाने का प्रस्ताव पास किया गया। 1978 में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसमें कई व्यवधान आर्थिक, पर्यावरणीय आदि आये जिससे इसके निर्माण में बहुत समय लग गया। डैम का काम तेजी से करने के लिए 1988 में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन (THDC) की स्थापना हुई। इसके बाद सन 2006 में टिहरी डैम का उद्घाटन हुआ।

यह बांध बनाना इतना भी आसान नहीं था समस्या थी 112 गाँव को स्थापित करने की। डैम बनने के बाद एक पहाड़ी पर नया टिहरी नाम से एक शहर बनाया गया। कुछ लोगों को यहाँ बसा दिया और बाकी बचे लोगों को ऋषिकेश, देहरादून जैसे शहरों में घर दिए गए। 1,00,000 से ज्यादा लोगों ने अपने घर से विस्थापन किया। लेकिन अपना घर तो अपना होता है। अपने जन्म स्थान को भूल जाना इतना भी आसान नहीं है जहा आपका पूरा परिवार पला बढ़ा हो। विस्थापन का असली दर्द वही समझ सकते है।

Tehri Dam controversy (टिहरी बांध विवाद)

24 साल (1980-2004) तक प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा ने इस बांध का विरोध किया। ये वही सुंदरलाल बहुगुणा है जो चिपको आंदोलन के प्रमुख नेता थे।  उनका कहना था की बांध पहाड़ का विनाश है। लेकिन अंत में उन्हें हार माननी पड़ी और 2006 में बांध तैयार हो गया।

History of Tehri Dam in Hindi - टिहरी बांध से जुड़े रोचक तथ्य

बांध बनने के समय इंजीनियरों और पर्यावरणविदों में बहुत विवाद हुआ। पर्यावरणविदों का कहना था कि पहाड़ो में इतना बड़ा बांध बनाना भूकंप को न्योता देने जैसा है। वही इंजीनियरों का कहना है की यह बांध 8.4 की तीव्रता तक के भूकंप को झेलने की छमता रखता है।

How To Visit Tehri Dam (टिहरी बांध कैसे पहुंचे)

मोटर मार्ग :- अगर आप टिहरी डैम देखना चाहते है या टिहरी गढ़वाल घूमना चाहते है तो देहरादून या ऋषिकेश से जा सकते है।

हवाई मार्ग :- उत्तराखंड से बाहर के लोग जॉलीग्रान्ट एयरपोर्ट देहरादून तक हवाई मार्ग से आ सकते है। इसके बाद आपको मोटर मार्ग से ही हो कर जाना होगा।

Games In Tehri Dam (टिहरी बांध में खेल)

पिछले कुछ सालों में टिहरी झील साहसिक खेलों का मुख्य केंद्र बन चुकी है। यहाँ बोटिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग जैसे खेल उपलब्ध है। साथ ही उत्तराखंड सरकार द्वारा भविष्य में वाटर ज़ोर्बिंग, कैनोइंग, स्कूबा डाइविंग, स्पीडबोट राइड, जेट स्की, वाटर स्कीइंग और मोटरबोट राइड्स जैसे खेलों की भी व्यवस्था की जा रही है।

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2 Comments

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  1. Very nice

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