किसी भी फोन या आधार कार्ड से करें भुगतान – Payment From Mobile, Aadhar Card

किसी भी फोन या आधार कार्ड से करें भुगतान – Payment From Mobile, Aadhar Card

नोटबंदी के बाद से देश में एक अलग ही बदलाव देखने को मिला है। सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि जनता अब कैशलेस ट्रांजेक्शन की और बढ़ रही है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक नयी तकनीक का इज़ात किया है, जिसका नाम है यूएसएसडी (USSD). unstructured supplementary service data नाम की यह तकनीक भुगतान करने के लिए बहुत ही आसान है। इस तकनीक की सबसे बड़ी बात यह है कि इस से आप किसी भी सामान्य फ़ोन से(बिना स्मार्टफोन के) पेमेंट कर सकते है। पहाड़ी छेत्रों के लिए यह तकनीक बहुत अच्छी सिद्ध हो सकती है।

कैसे करें यूएसएसडी से कैशलेस पेमेंट

तो आइये जानते है यूएसएसडी के बारे में। यहाँ आप स्टेप वाइज कैशलेस ट्रांजेक्शन की जानकारी प्राप्त कर सकते है।

  • सबसे पहले आपके बैंक खाते में मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए।
  • बैंक का आईएफएससी कोड भी मालूम होना चाहिए।
  • अगर आपके पास ये दोनों चीज़े है तो अपने मोबाइल फ़ोन से *99# डायल करें।
  • *99# डायल करते ही फोन बैंकिंग के नेटवर्क से जुड़ जायेगा।
  • अब आपसे बैंक का नाम और आईएफएससी कोड पूछा जायेगा।
  • यह जानकारी भरने के बाद भुगतान के कुछ ऑप्शन आएंगे।  उनमे से जो ऑप्शन आप चुनेंगे उससे भुगतान हो जायेगा।

आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम (Aadhaar Enabled Payment System)

यूएसएसडी से अलग सरकार ने आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम भी रखा है जो व्यापारियों के लिए बहुत ही प्रभावी सुविधा है। इसके लिए व्यापारी या दुकानदार के पास यह सिस्टम (आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम) उपलब्ध होना चाहिए। साथ ही आपके पास आधार कार्ड होना चाहिए जो बैंक अकाउंट से लिंक हो फिर आपको कुछ स्टेप फॉलो करने होंगे।

  • इसके लिए दुकानदार के पास एक स्मार्टफोन होना चाहिए जो केबल से फिंगर प्रिंट स्कैनर से जुड़ा हो।
  • आपको सामान लेने के बाद दुकानदार को अपना आधार नंबर देना होगा। जिस से फ़ोन बैंक नेटवर्क से जुड़ जायेगा।
  • अब आपको पहचान के लिये अपने फिंगरप्रिंट स्कैनर में मिलाने होंगे।
  • स्कैनर में फिंगरप्रिंट मिलते ही भुगतान हो जायेगा।

अगर आप अपना डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड घर भूल जाते है तो यह दो तकनीक आपके काम आ सकती है। इन दोनों विधियों से भुगतान बहुत ही आरामदायक हो गया है। सरकार ने लोगों को यह तकनीक सिखाने के लिए अभियान भी शुरू किये है।

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